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14 दिन से लापता किशोरी ओडिशा से बरामद, फ्लाइट से गंजम पहुंची दिल्ली पुलिस

Kavita2
1 Oct 2026 4:50 PM IST
14 दिन से लापता किशोरी ओडिशा से बरामद, फ्लाइट से गंजम पहुंची दिल्ली पुलिस
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नई दिल्ली। इंद्रपुरी इलाके से 14 दिन पहले लापता हुई 16 वर्षीय किशोरी को दिल्ली पुलिस ने ओडिशा के गंजम जिले से सुरक्षित बरामद कर लिया। किशोरी की लोकेशन मिलने के बाद इंद्रपुरी थाना पुलिस की टीम फ्लाइट से ओडिशा पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से उसे तलाश लिया। किशोरी को दिल्ली वापस लाकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया।

पुलिस के अनुसार किशोरी के लापता होने के बाद परिजनों ने इंद्रपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की गई। परिवार के सदस्य भी अपने स्तर पर बेटी को खोजने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कई दिनों तक उसका कोई सुराग नहीं मिला।

समय बीतने के साथ परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी। किशोरी नाबालिग होने के कारण पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसकी तलाश के लिए अलग-अलग स्तर पर प्रयास तेज किए।

इस बीच शनिवार को किशोरी की मां इंद्रपुरी थाने में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचीं। उन्होंने पश्चिमी जिले के डीसीपी हरेश्वर वी. स्वामी से मुलाकात कर अपनी बेटी को जल्द तलाशने की गुहार लगाई।

मां ने अधिकारियों को बताया कि बेटी को लापता हुए कई दिन हो चुके हैं और परिवार उसकी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित है। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने टीम को किशोरी की तलाश और तेज करने के निर्देश दिए।

पुलिस ने उपलब्ध तकनीकी जानकारी और अन्य सुरागों के आधार पर किशोरी की लोकेशन पता लगाने की कोशिश की। जांच के दौरान उसकी मौजूदगी ओडिशा के गंजम जिले में होने की जानकारी सामने आई।

लोकेशन की पुष्टि होते ही इंद्रपुरी थाना पुलिस की टीम को तत्काल ओडिशा भेजने का फैसला किया गया। दूरी अधिक होने और मामले में देरी न हो, इसे देखते हुए टीम फ्लाइट से ओडिशा के लिए रवाना हुई।

ओडिशा पहुंचने के बाद दिल्ली पुलिस ने गंजम जिले की स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। दोनों राज्यों की पुलिस ने मिलकर किशोरी की तलाश शुरू की।

उपलब्ध लोकेशन और अन्य जानकारी के आधार पर पुलिस टीम उस क्षेत्र तक पहुंची जहां किशोरी के होने की संभावना थी। कुछ समय की तलाश के बाद उसे सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

किशोरी के मिलने की सूचना मिलते ही दिल्ली में मौजूद उसके परिवार ने राहत की सांस ली। पिछले 14 दिनों से परिवार लगातार उसकी तलाश और सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहा था।

पुलिस टीम ने किशोरी को अपने संरक्षण में लेकर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद उसे दिल्ली लाया गया।

दिल्ली पहुंचने पर किशोरी से नियमों के अनुसार पूछताछ की गई और यह जानने का प्रयास किया गया कि वह किन परिस्थितियों में घर से गई थी और ओडिशा कैसे पहुंची।

नाबालिग से जुड़े मामले को देखते हुए पुलिस उसकी पहचान और निजी जानकारी को सुरक्षित रखते हुए आगे की प्रक्रिया पूरी कर रही है।

पुलिस यह भी पता लगा रही है कि किशोरी अकेले ओडिशा पहुंची थी या उसके साथ कोई और व्यक्ति था। इस संबंध में उसके बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यदि जांच में किसी व्यक्ति द्वारा उसे बहला-फुसलाकर ले जाने या अन्य किसी अपराध की बात सामने आती है तो उसके आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि किशोरी को सुरक्षित बरामद कर लिया गया और वह अपने परिवार के पास वापस पहुंच गई।

पुलिस की टीम ने दिल्ली से ओडिशा तक लगातार संपर्क और तकनीकी जानकारी के आधार पर उसकी तलाश जारी रखी। गंजम पुलिस के सहयोग से अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

इस मामले में जनसुनवाई की भूमिका भी अहम रही। किशोरी की मां ने सीधे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के सामने अपनी परेशानी रखी, जिसके बाद तलाश अभियान में तेजी आई।

डीसीपी स्तर से निर्देश मिलने के बाद टीम ने उपलब्ध सभी सुरागों पर काम किया और आखिरकार ओडिशा में किशोरी की मौजूदगी का पता चला।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नाबालिगों के लापता होने के मामलों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में परिवार को बिना देरी पुलिस को सूचना देनी चाहिए।

परिजनों से यह भी कहा जाता है कि बच्चों के दोस्तों, सोशल मीडिया संपर्कों और हाल की गतिविधियों की जानकारी पुलिस के साथ साझा करें, ताकि तलाश में मदद मिल सके।

किशोरी के मामले में भी परिवार से मिली जानकारी और तकनीकी सुरागों को जोड़कर पुलिस ने लोकेशन तक पहुंच बनाई।

पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि किशोरी दिल्ली से कब निकली, उसने कौन सा रास्ता अपनाया और गंजम तक कैसे पहुंची।

इसके अलावा यात्रा के दौरान वह किन लोगों के संपर्क में रही, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।

किशोरी से बातचीत के बाद पुलिस यह तय करेगी कि मामले में पहले से दर्ज प्राथमिकी में किसी अन्य धारा को जोड़ने की जरूरत है या नहीं।

परिवार ने बेटी के सुरक्षित मिलने पर राहत जताई है। पिछले दो सप्ताह से परिवार लगातार तनाव में था और उसकी वापसी की उम्मीद लगाए बैठा था।

इंद्रपुरी पुलिस की टीम ने किशोरी को सुरक्षित वापस लाने के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और किशोरी के बयान के आधार पर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि उसके लापता होने के पीछे क्या कारण था।

दिल्ली से ओडिशा तक चले इस तलाश अभियान में दोनों राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय अहम रहा। समय पर लोकेशन मिलने और टीम को तुरंत रवाना किए जाने से किशोरी को सुरक्षित खोज लिया गया।

14 दिनों से बेटी की तलाश में परेशान परिवार के लिए उसकी सुरक्षित वापसी बड़ी राहत लेकर आई है। अब पुलिस पूरे मामले की परिस्थितियों की जांच कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।

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